Friday, June 26, 2020

Bakhani Hindi Poems, kavita- khayali pulao

The video for the hindi poem in my website https://bakhani.com



https://bakhani.com/khayali-pulao/



Wordings are as follows

खयाली पुलाव तो ऐसे पकते,
जैसे बीरवल की खिचडी,
मन में आई बात जो ठहरी,
साफ दिखे हो खुली सी खिडकी।
मन के उस एक झरोंखे से,
निकले वो किरणें एक-एक कर,
दिखे दिमाग पटल पर ऐसे,
जैसे पर्दे पर प्रोजेक्टर।....
Click bellow for video. And above mentioned link for the full poem.


Friday, June 19, 2020

#61 करो उद्धार (Word pyramid)

#61 करो उद्धार (Word pyramid)



मेरे
किशन
कन्हाई रे
जग में सब
पाले अहंकार
भूले प्रेम दुलार
करो हे प्रभु उद्धार।
हे
राम
जहाँ में
हर ओर
रावण आज
मचाये उत्पात

......


शब्द पिरामिड का प्रथम प्रयास। कुल 4 खण्ड। प्रत्येक खण्ड शब्द पिरामिड रचना 1 शब्द से लेकर 8 शब्द तक। समीक्षात्मक टिप्पणी की प्रतीक्षा है।

Bakhani Hindi Poems, kavita- khayali pulao

The video for the hindi poem in my website https://bakhani.com https://bakhani.com/khayali-pulao/ Wordings are as follows खयाली पुलाव ...